सत्यपुर नगरी
सांचौर नगरी
जाना , देखा और समझा भी हर जगह को और घूमा सारा संसार है ,
मिलकर रहते है लोग सत्यपुर नगरी के और यहाँ सबका प्रेम अपार है !
देखी दुनिया पर ना दिखा बेहतर कुछ हमारे सत्यपुर सा ,
मन महकता यहाँ के लोगों का खुशबू भरे फूल सा !
पाकिस्तान पड़ोसी है और गुजरात हमारा सहायक है ,
हमें गर्व है सांचौर नगरी पर की हम इसके जन नायक है !
इस भूमि पर जन्म मिला हमको इस बात का अभिमान है ,
रहे साथ हर धर्म के लोग ये ही मिलन भाव हमारी शान है !
ये भूमि है पाँच नदियो का संगम जो राजस्थान का पंजाब कहलाती है ,
शुभ पावन चरणो का गोलासन धाम जहाँ हनुमान जी की ध्वजा लहराती है !
जहाँ गो माता की सेवा में हर व्यक्ति रहता है तत्पर सुबह-शाम ,
ऐसी विश्व विख्यात गौशाला है सांचौर में जिसका नाम है पथमेड़ा धाम !
कोई शुभ अवसर पुरा नही पणजी के पेडे़ और मावे बिना
हर सांचौर वासी की जूबान यही बात कहती है ,
जब बात आए नाश्ते की तो सब्जी मण्डी़ की प्रसिद्ध नीरोज की कचोरी
हर किसी की पहली पसंद रहती है !
यहा की शान में शामिल बाबा रघुनाथपुरी सुप्रसिद्घ पशु मेला आता है ,
इससे भी बढकर होथीगाँव का मठ महादेव के प्रति श्रधालुओ की आस्था बढाता है !
यहा के धार्मिक स्थलो में पीर की जाल का नाम खुशी के साथ लिया जाता है ,
हर व्यक्ति नेक दिल के साथ इस दरगाह पर आकर अपना सर जुकाता है !
यह भूमी मेरी और मैं इस भूमि का
मैं जन्मा यहा , मैं बड़ा हुआ यहा और मेरी परवरिश है यहा की ,
यही अंतिम इच्छा है जब पंचतत्व में मिले मेरा ये शरीर
तो मेरी राख को मिट्टी भी नसीब हो यहा की !
🙏 सभी सांचौर वासीयों को धन्यवाद 🙏
लेखक :- सवाईसिहँ दहीया सांचौर
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